

हैरिंग्टनगंज, अयोध्या।
ब्लॉक हैरिंग्टनगंज के ग्राम घुरेहटा पूरे सीताराम दूबे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे गांव का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कथा का आयोजन विश्व सेवा मिशन ट्रस्ट के तत्वावधान में किया जा रहा है, जो क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
कथावाचक पवन देव महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकशिपु के प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अपार शक्ति होती है। उन्होंने कहा, “जब कोई भक्त पूरी श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ भगवान का स्मरण करता है, तो स्वयं भगवान उसकी रक्षा के लिए प्रकट होते हैं। चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, भगवान अपने भक्त का साथ कभी नहीं छोड़ते।”
महाराज जी ने अपने प्रवचन में बच्चों के संस्कारों पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही बच्चों को धार्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है। ‘राधे-राधे’ का स्मरण, तिलक धारण करना और प्रतिदिन भगवान का नाम लेना जैसे छोटे-छोटे कार्य बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और उनमें विनम्रता, अनुशासन व सदाचार का विकास करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने एकादशी व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इसे श्रद्धा के साथ करने से मन की शुद्धि होती है, पापों का नाश होता है और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी सामर्थ्य के अनुसार एकादशी व्रत करने का आह्वान किया।
कथा के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं और अधर्म का नाश करते हैं। इस विचार ने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन में धर्म के प्रति आस्था और दृढ़ कर दी।
यह सात दिवसीय कथा 21 अप्रैल से 27 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजक देव कुमार दूबे और पंकज दूबे के नेतृत्व में किया जा रहा है। क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी प्रसारित कर रहा है।