
अयोध्या। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैरिंग्टनगंज में अपार शोध अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे भीष्म प्रसाद चौधरी के सेवानिवृत्ति अवसर पर एक भव्य एवं भावनात्मक विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीएचसी के समस्त स्टाफ, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित होकर उनके लंबे एवं उत्कृष्ट सेवाकाल को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार शुक्ला ने की। उनके साथ डॉ. योगेश तिवारी, डॉ. विवेक, फार्मासिस्ट सुशील कुमार, अश्वनी वर्मा, प्रतीक दुबे, डी.पी. यादव सहित स्टाफ नर्स एवं एएनएम की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। सभी ने मिलकर श्री चौधरी के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को व्यक्त किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भीष्म प्रसाद चौधरी का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, विनम्र और अनुकरणीय रहा है। उनके विचार और आचरण सदैव उच्च कोटि के रहे, जो न केवल उनके सहकर्मियों बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग के लिए प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में कभी भी अपने दायित्वों से समझौता नहीं किया और हर परिस्थिति में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने कार्यों को निभाया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि श्री चौधरी अपने कार्यों के प्रति इतने समर्पित थे कि उन्होंने कभी किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती। समय की पाबंदी, कार्य के प्रति गंभीरता और सहयोगी स्वभाव उनकी सबसे बड़ी पहचान रही। उनके व्यवहार में सदैव सकारात्मकता झलकती थी, जिससे कार्यस्थल का वातावरण भी सौहार्दपूर्ण बना रहता था। किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे और अपने अनुभव से सभी का मार्गदर्शन करते थे।
अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि “भीष्म प्रसाद चौधरी जैसे कर्मठ, अनुशासित और ईमानदार अधिकारी किसी भी संस्था की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में जिस तरह से जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वह आने वाली पीढ़ी के लिए एक उदाहरण है। उनके जाने से निश्चित रूप से एक शून्य उत्पन्न होगा, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।”
डॉ. योगेश तिवारी ने कहा कि श्री चौधरी का व्यवहार अत्यंत सौम्य और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने हमेशा अपने साथियों का सम्मान किया और टीम भावना के साथ कार्य किया। उनके साथ काम करना एक सीखने जैसा अनुभव रहा, जो सभी के लिए यादगार रहेगा।
अन्य कर्मचारियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि श्री चौधरी का आचरण न केवल कार्यस्थल पर बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी अत्यंत श्रेष्ठ रहा। उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और सभी के साथ समान व्यवहार किया। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता और ईमानदारी स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी।
इस अवसर पर समस्त स्टाफ ने उन्हें भगवान की प्रतिमा, स्मृति चिन्ह एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके प्रति आदर, प्रेम और शुभकामनाओं का प्रतीक रहा। सभी ने उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
कार्यक्रम के दौरान वातावरण कई बार भावुक हो उठा, जब सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए गए पलों को याद किया। कई कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं, जो इस बात का प्रमाण था कि श्री चौधरी ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से सभी के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है।
समारोह के अंत में स्वयं भीष्म प्रसाद चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएचसी हैरिंग्टनगंज उनके लिए एक परिवार की तरह रहा है। उन्होंने यहां बिताए गए समय को अपने जीवन का अमूल्य हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सहयोगियों से जो सम्मान और स्नेह मिला है, वह उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को प्राथमिकता दी और यही प्रयास किया कि उनके कार्यों से संस्था और समाज को अधिक से अधिक लाभ पहुंचे। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए सभी को अपने कार्य के प्रति समर्पित रहने और ईमानदारी से दायित्व निभाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन सभी के द्वारा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना और सामूहिक फोटो के साथ हुआ। यह समारोह न केवल एक विदाई कार्यक्रम था, बल्कि एक ऐसे कर्मठ और समर्पित अधिकारी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी था, जिन्होंने अपने कार्यकाल में उत्कृष्टता की मिसाल कायम की।