
अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत लहरापुर के निवासी सत्यम तिवारी ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपी पीसीएस) परीक्षा-2024 में शानदार सफलता हासिल करते हुए 36वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने नायब तहसीलदार पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जैसे ही उनकी सफलता की खबर गाँव पहुंची, लहरापुर में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरा गाँव जश्न में डूब गया।
सत्यम तिवारी, संतोष तिवारी के पुत्र हैं और बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाँव और आसपास के विद्यालयों से प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पित रहे। उनकी इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग रहा है।
गाँव में जैसे ही सत्यम की सफलता की सूचना पहुंची, ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर खुशी का इज़हार किया। जगह-जगह पटाखे फोड़े गए और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। जब सत्यम तिवारी गाँव पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने आरती उतारकर और फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। हर कोई इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा था और सत्यम को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राघवेंद्र प्रताप सिंह अनूप भी गाँव पहुंचे और उन्होंने सत्यम तिवारी को गुलदस्ता भेंट कर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि सत्यम की यह सफलता केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र की उपलब्धि है। यह सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पढ़े-लिखे युवा ही समाज को नई दिशा देने में सक्षम होते हैं।
राघवेंद्र प्रताप सिंह अनूप ने सत्यम तिवारी के माता-पिता की भी सराहना की और कहा कि बच्चों की सफलता में अभिभावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन से ही बच्चे ऊँचाइयों तक पहुँचते हैं। सत्यम की सफलता इसका जीवंत उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक, युवा एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सत्यम तिवारी को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना था कि सत्यम की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी और क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
सत्यम तिवारी की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके प्रति सच्ची लगन और मेहनत हो, तो कोई भी बाधा रास्ते में नहीं टिक सकती। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जिस तरह से यह मुकाम हासिल किया है, वह न केवल उनके साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवा भी देश के उच्च पदों तक पहुँच सकते हैं।
आज लहरापुर ही नहीं, बल्कि पूरा अयोध्या जनपद सत्यम तिवारी की इस सफलता पर गर्व कर रहा है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर रही है।