यह ऐतिहासिक भवन, जो साउथ ब्लॉक में स्थित है, अब प्रशासनिक कार्यों के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने के बाद संग्रहालय के रूप में बदल जाएगा। सरकार ने इस बदलाव के तहत पुराने सरकारी भवनों को संरक्षण देते हुए उन्हें सार्वजनिक और सांस्कृतिक उपयोग के लिए बदलने की योजना बनाई है। इससे जनता को भारतीय इतिहास और शासन के विकास को समझने का अवसर मिलेगा।इस नए संग्रहालय में देश के इतिहास और शासन से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुएं, दस्तावेज, और प्रदर्शनी रखी जाएंगी, जिससे यह स्थल ऐतिहासिक और शैक्षिक केंद्र बनेगा। यह कदम भारत सरकार की परंपराओं और आधुनिकता के समन्वय को दर्शाता है, जहां पुराने भवन की सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होगी और नई कार्यप्रणाली के लिए नया आधुनिक परिसर तैयार होगा।इस प्रकार, पुराने PMO भवन का उपयोग अब ऐतिहासिक संग्रहालय के रूप में होगा और प्रधानमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारियां नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में स्थानांतरित कर दी गई हैं, जो आधुनिक और हाई-टेक सुविधाओं से लैस है�