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अयोध्या के राजघाट क्षेत्र में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान शनिवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना उस समय हुई जब यज्ञ स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे और धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग शुरुआत में यज्ञ मंडप के एक हिस्से में लगी, लेकिन देखते ही देखते तेज हवाओं के कारण उसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सालय अयोध्या की मेडिकल टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई है। टीम में डॉ. शैलेश सिंह, फार्मासिस्ट देवाशीष तिवारी, वार्ड बॉय बालक राम और वाहन चालक जितेंद्र सोनकर शामिल हैं। सभी संभावित घायलों को प्राथमिक उपचार देने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था में जुटे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि एहतियात के तौर पर क्षेत्र में स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है।
आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या यज्ञ सामग्री से निकली चिंगारी की बताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
📌 प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं, ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न उत्पन्न हो।