’ “हमने तय कर लिया है कि उस कांटे को निकालकर रहेंगे”। यह बयान उन्होंने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और भारत की सुरक्षा पर पड़ते प्रभावों के संदर्भ में दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “शरीर कितना ही स्वस्थ क्यों न हो, लेकिन अगर एक कांटा चुभता है तो पूरा शरीर दुखता है। हमने तय कर लिया है कि उस कांटे को निकालकर रहेंगे।” यह प्रतीकात्मक रूप से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की ओर संकेत करता है।
उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय सेना ने 22 मिनट में नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया, और यह पूरी कार्रवाई कैमरे में रिकॉर्ड की गई है ताकि कोई सबूत की मांग न कर सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 1947 में यदि सरदार पटेल की बात मानी गई होती और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को वापस लेने की कार्रवाई की गई होती, तो आज आतंकवाद की समस्या इतनी गंभीर न होती।
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को भारत की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है
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