इस वर्ष की थीम है: “Reporting in the Brave New World – The Impact of Artificial Intelligence on Press Freedom and the Media” , जिसमें यह समझने का प्रयास किया गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पत्रकारिता और मीडिया स्वतंत्रता को कैसे प्रभावित कर रही है ।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने संदेश में पत्रकारों के बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को धमकियों, हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है ।
2024 में, पत्रकारों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि देखी गई, जिसमें 124 पत्रकार मारे गए, जिनमें से अधिकांश फिलिस्तीनी थे । इसके अलावा, कई देशों में पत्रकारों को अनुचित रूप से जेल में डाला गया है, जैसे हांगकांग के जिमी लाई, म्यांमार की शिन डेवे, और वियतनाम की फाम डोआन ट्रांग ।
भारत में स्थिति
भारत में भी पत्रकारों पर दबाव बढ़ रहा है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा है कि स्वतंत्र रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को कानूनी कार्रवाइयों, सेंसरशिप और अन्य प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है ।
प्रेस स्वतंत्रता का महत्व
प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। 1993 में संयुक्त राष्ट्र ने 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के रूप में मान्यता दी, जो 1991 की विंडहोक घोषणा की याद में मनाया जाता है ।
कैसे मनाएं यह दिवस?
फेक न्यूज से बचने के लिए लोगों को जागरूक करें।
सोशल मीडिया पर पत्रकारों के लिए धन्यवाद संदेश साझा करें।
#WorldPressFreedomDay और #PressFreedom जैसे हैशटैग का उपयोग करें।
इस दिन, हम सभी को पत्रकारों के साहस और समर्पण को सम्मानित करना चाहिए और स्वतंत्र मीडिया की रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए।